Monday, December 6, 2010

समग्र क्रांति

क्रांति की खोज में निकला
जब अंतिम घुड़सवार भी
सुविधा का ताबीज बाधंकर
कुर्सियों क़े जंगल में खो गया
मैंने पूछा था नेताजी -
आप की दूसरी आजादी को क्या हो गया था ?
राजनीति ऑपरेशन टेबल पर पड़ी थी
दुर्भाग्य की उमर बड़ी थी
फरेबी डॉक्टर
आश्वासनों क़े इंजेक्शन पर इंजेक्शन लगाये जा रहे थे
भ्रस्टाचार क़े
कैप्सूल पर कैप्सूल खिला रहे थे
देश का भविष्य सो गया था
और भाई -साब
आप से क्या बतलाये
स्वतंत्रता की समग्र क्रांति का
एबार्शन हो गया था !

2 comments:

  1. Politics is a word cant explain in day or two. I think politics is a Deep Forest, as u have already said that politicians promise lots of things, but when they enter in this forest which is filled by chairs and corrupted people. They forget what they promised while election. well have lots of things to write......All I can say is this that u write just awesome...please post some more so I can read those

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  2. Really a very good question on politician....!
    God knows what will be our future....?

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