Wednesday, December 8, 2010

स्वर्ग....?

बिदाई की थी घड़ी

द्वार पर डोली खड़ी

माँ की सिसकिया थमने का नाम न ले रही थी

बिटिया न जाने क्यों मंद मंद मुसक्या रही थी

माँ बोली -

बेटी कभी कोई गलत काम न करना

मेरे दूध की तुम लाज रखना

बिटिया बोली -

माँ, तुम चिंता न करना

जी अपना हलकान न करना

मै जिस घर में जाउगी

उस घर को स्वर्ग बना दूगी

जाहिर है कि घर वालो को

स्वर्गवासी बना दूगी...!!


2 comments:

  1. Bahut khub likha hai janaab aapne, aaj kal ki bahuen yahi soch kar jaati hain apne pati ke ghar.

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  2. Nice lines...liked it very much....!!

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